नई दिल्ली: 2017 के भारत-चीन डोकलाम गतिरोध का असर केवल सीमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव मुंबई में चीन के सबसे बड़े सरकारी बैंक ICBC की शाखा पर भी पड़ा। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच के अनुसार, ICBC की मुंबई शाखा ने तनाव के दौरान 11 स्वीकृत लेकिन अभी तक जारी नहीं किए गए लोन और बॉन्ड निवेश रोक दिए थे। इनकी कुल राशि करीब 185 मिलियन डॉलर थी।
यह जानकारी जनवरी 2018 की एक गोपनीय ICBC रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ने सीमा तनाव के दौरान अपने लोन और निवेश जोखिम को कम करने के लिए यह कदम उठाया। इस फैसले से शाखा के ऑपरेटिंग रेवेन्यू पर लगभग 6.36 मिलियन डॉलर का असर पड़ा और मुंबई शाखा अपने बीजिंग मुख्यालय द्वारा तय वार्षिक लाभ लक्ष्य का केवल 57.7 प्रतिशत हासिल कर सकी।
डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने रहीं। जून 2017 में शुरू हुआ यह गतिरोध अगस्त में दोनों पक्षों के पीछे हटने के साथ समाप्त हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, ICBC ने उस दौरान चीन के दूतावास और वाणिज्य दूतावास के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए अपनी पार्टी इकाइयों को भी सक्रिय किया। बैंक ने इस मामले पर जांचकर्ताओं के सवालों का जवाब नहीं दिया।