न्यूयॉर्क, 28 सितंबर 2024: संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने कड़े शब्दों में जवाब दिया। भारत ने अपने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को पड़ोसी देशों के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद का सहारा लेता रहा है और उसने भारत में संसद, मुंबई तथा अन्य स्थानों को निशाना बनाने वाली आतंकी घटनाओं का समर्थन किया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए आतंकवाद के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।
भारत ने स्पष्ट कहा कि उसके खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को जारी रखने की नीति सफल नहीं होगी और पाकिस्तान को इसके परिणामों का सामना करना पड़ेगा। भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा पाकिस्तान को इस मामले में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
यह प्रतिक्रिया शहबाज शरीफ के उस भाषण के बाद आई, जिसमें उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए भारत की नीतियों की आलोचना की थी। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच आतंकवाद और कश्मीर को लेकर तीखी कूटनीतिक बहस देखने को मिली।