चतरा: झारखंड के चतरा जिले स्थित आम्रपाली ओपन कास्ट कोल माइंस की सुरक्षा व्यवस्था अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हवाले की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 सितंबर से CISF के करीब 200 जवान यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। आने वाले समय में जवानों की संख्या बढ़ाए जाने की भी संभावना है।
यह कदम कोयला चोरी, अवैध खनन और अनधिकृत कोयला परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आम्रपाली माइंस नॉर्थ कर्णपुरा कोलफील्ड का हिस्सा है और इसका संचालन सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) करता है। केंद्र सरकार की ओर से कोयला क्षेत्रों में 'जीरो कोल लीकेज' अभियान के तहत निगरानी और कार्रवाई को तेज किया जा रहा है।
आम्रपाली परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए DIG स्तर के विशेष पद की व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। CISF को खनन क्षेत्र, कोयला भंडारण और परिवहन से जुड़े संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
गौरतलब है कि 2026 में CISF ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं। जुलाई में चलाए गए एक संयुक्त अभियान में 428.34 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया था और कई मामलों में FIR भी दर्ज की गई थी।
आम्रपाली में CISF की तैनाती के बाद परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी होने की उम्मीद है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र से कोयले की अवैध निकासी और अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है।